Motivational Story in Hindi | उत्साहित करने वाली कहानी (गोपाल की कहानी)

Motivational Story in Hindi – उत्साहित करने वाली कहानी

Motivational Story in Hindi

एक गांव में गोपाल नाम का बहुत बड़ा व्यापारी होता था | वह बड़ा ही उदार दिल का व्यापारी था तथा पूरे गांव में उसकी उदारता के चर्चे मशहूर थे | 

वह व्यापारी बहुत ही दानी था, जितना पैसा वह दिन में कम आता उसका आधे से भी ज्यादा दान में दे दिया करता | ऐसा करते-करते उस व्यापारी को बहुत दिन हो गए थे तथा अब उसकी स्थिति एक गरीब जैसी हो गई थी |

जब वह बिल्कुल गरीब हो गया था और उसे अपना पेट भरने के लिए अपना घर और सारा सामान तक बेचना पड़ा तो भगवान के सामने जाकर रोने लगा | रोते-रोते उस व्यापारी को नींद आ जाती है |

जब वह सो गया था तो उसके सपने में भगवान प्रकट होते हैं और उसको बोलते हैं कि कल तुम्हारे दरवाजे पर एक ऋषि मुनि आएगा तुम उसके सिर पर डंडे से प्रहार कर देना और वह ऋषि सोने में बदल जाएगा जिससे तुम अमीर हो जाओगे |

गोपाल को यह बात हजम नहीं हुई और उसने उसको झूठ मानकर अनसुना कर दिया | थोड़ी ही देर बाद किसी ने दरवाजा खटखटाया, गोपाल दरवाजे पर गया तो उसने पाया कि उसका नाई जो हर रोज उसकी दाढ़ी बनाने आता है वह आया है |

उत्साहित करने वाली कहानी

गोपाल ने उसे अपनी दाढ़ी बनवा ली और जैसे ही वह नाई जाने लगा तो फिर से किसी ने दरवाजा खटखटाया | इस बार दरवाजे पर एक ऋषि मुनि था गोपाल को अपने सपने वाली बात पर यकीन हुआ और उसने उस ऋषि को डंडे से प्रहार कर दिया |

जब गोपाल ने ऋषि को डंडा मारा तभी वह ऋषि सोने में बदल गया | गोपाल ने उस सोने में से थोड़ा सा हिस्सा नाई को भी दे दिया ताकि वह किसी को यह बात ना बताएं |

नाइस सोने को लेकर वहां से अपने घर की तरफ चल पड़ा तथा रास्ते में उसके दिमाग में एक बात आई कि क्यों वह भी ऋषि मुनि को अपने घर बुलाए और उससे डंडे से मार कर सोना हासिल कर ले |

इसके अतिरिक्त उसने सोचा कि वह एक नहीं बल्कि 399 को अपने घर बुला आएगा ताकि अधिक सोना प्राप्त किया जा सके |

जैसे ही उसके घर ऋषि मुनि खाना खाने के लिए आते हैं तो वह हम को खाना खिलाने के बाद डंडे से मारना शुरू कर देता है परंतु कोई भी मुनि सोने में परिवर्तित नहीं होता |

तीनों ऋषि-मुनियों में से एक ऋषि जान बचाकर भा गया और उसको रास्ते में गोपाल मिलता है |

गोपाल रेसिंग से पूछता है कि वह ऐसे हंसते हुए क्यों आ रहा है फिर ऋषि मुनि ने गोपाल को सारी कहानी बताइए  |

यह बात सुनते ही गोपाल भागते हुए नानी के घर पर पहुंचा तथा उस लाई को सारी कहानी बताई | माई को अपने किए पर बहुत पछतावा होता है और वह ऋषि-मुनियों से माफी मांगता है |

कहानी से शिक्षा

कहानी से शिक्षा इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि कभी भी अधूरा ज्ञान लेकर काम नहीं करना चाहिए नहीं तो हमारे दशा भी उस नाई जैसी ही होगी | 

यह कहानी एक व्यपारी और एक नाई की होती है | इस कहानी से हमें बहुत ही अच्छी शिक्षा मिलती है | अगर हम  भी इस कहानी से मिली हुई शिक्षा को अपने जीवन में अपनाये तो हमारा जीवन बहुत अच्छा हो सकता है | 

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